दिन 8-10:
ताड़ासन, वृक्षासन और बालासन
अब आप संतुलन और एकाग्रता की ओर बढ़ेंगे – वृक्षासन (ट्री पोज़) को दीवार के सहारे करेंगे।
साथ में ताड़ासन का रिविजन और बालासन में गहरा विश्राम। कुल 20 मिनट का अभ्यास।
दिन 8-10 में क्या करेंगे?
पहले 7 दिनों में आपने श्वास, स्ट्रेच, ताड़ासन, बालासन, मार्जरीआसन और अधो मुख श्वान सीख लिए हैं। अब सप्ताह 2 की शुरुआत में हम वृक्षासन (ट्री पोज़) को जोड़ेंगे – यह संतुलन और एकाग्रता बढ़ाने वाला आसन है। शुरुआत में इसे दीवार के सहारे करेंगे।
20 मिनट का दैनिक अभ्यास:
- 2 मिनट: गहरी श्वास (वार्म-अप)
- 3 मिनट: ताड़ासन (रिविजन)
- 8 मिनट: वृक्षासन (दीवार का सहारा – दोनों पैरों के साथ)
- 4 मिनट: बालासन
- 3 मिनट: शवासन (विश्राम)
इन तीन दिनों का लक्ष्य:
- वृक्षासन में संतुलन बनाना सीखना
- एकाग्रता और मानसिक स्थिरता
- पैरों और टखनों की मजबूती
- शरीर और मन का समन्वय
ताड़ासन (रिविजन) - पर्वत मुद्रा
पिछले दिनों में सीखा ताड़ासन अब रिविजन के लिए। इस बार इसे थोड़ा और बेहतर करने की कोशिश करें।
ताड़ासन - याद दिलाएँ
- सीधे खड़े हों, पैरों में थोड़ा गैप
- हाथ बगल में सीधे, रीढ़ सीधी
- गहरी श्वास लेते हुए हाथ ऊपर उठाएँ
- हथेलियाँ मिलाएँ, बांहें सीधी
- 30-60 सेकंड रुकें, श्वास छोड़ते हुए नीचे आएँ
इस बार का फोकस:
- रीढ़ को और सीधा रखें
- पैरों पर बराबर भार दें
- हाथों को और ऊपर खींचें
- 50-60 सेकंड तक रुकें
संशोधित तरीका
- पीठ दीवार से लगाकर खड़े हों
- हाथ ऊपर न उठा पाएँ तो कमर पर रखें
- पैर की उंगलियों पर न खड़े हों – पूरे पैर पर
- 30 सेकंड से शुरू करें
सावधानियाँ:
- चक्कर आने पर आँखें खोलें
- घुटनों में दर्द हो तो थोड़ा मोड़ें
- उच्च रक्तचाप में हाथ ज्यादा देर ऊपर न रखें
वृक्षासन (Tree Pose) - वृक्ष मुद्रा
वृक्षासन एक संतुलन आसन है। इसमें एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर को जांघ या घुटने पर रखा जाता है। यह आसन एकाग्रता, संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाता है। शुरुआत में इसे दीवार के सहारे करेंगे।
वृक्षासन कैसे करें?
- सीधे खड़े हो जाएँ, पैरों में थोड़ा गैप रखें
- दीवार या कुर्सी के पास खड़े हों (शुरुआत में सहारे के लिए)
- दाएँ पैर पर संतुलन बनाएँ
- बाएँ पैर को उठाकर दाएँ घुटने के पास या एड़ी टखने के पास रखें
- हाथ जोड़कर छाती के पास प्रणाम मुद्रा में रखें
- अगर संतुलन बन जाए तो हाथ ऊपर उठाएँ
- 30-45 सेकंड इसी मुद्रा में रहें
- धीरे-धीरे पैर नीचे लाएँ और दूसरे पैर से दोहराएँ
लाभ:
- संतुलन और एकाग्रता बढ़ाता है
- टांगों और टखनों को मजबूत बनाता है
- कूल्हे के जोड़ खोलता है
- आत्मविश्वास बढ़ाता है
- मन को स्थिर करता है
शुरुआती लोगों के लिए संशोधित तरीका
- दीवार या कुर्सी का सहारा लें – शरीर को झुकने से बचाएँ
- पैर को जांघ पर न रखें – घुटने के नीचे या एड़ी के पास रखें
- पैर को कभी भी घुटने पर सीधे न रखें
- हाथ जोड़ना मुश्किल हो तो कमर पर रखें
- 30 सेकंड से शुरू करें, धीरे-धीरे 60 सेकंड तक बढ़ाएँ
- अगर गिर जाएँ तो परेशान न हों – यह सामान्य है
सावधानियाँ:
- चक्कर आने पर तुरंत पैर नीचे रखें
- घुटनों या टखनों में तेज दर्द हो तो न करें
- उच्च रक्तचाप में हाथ ज्यादा देर ऊपर न रखें
- गर्भावस्था में दीवार का सहारा लें
- कान के संक्रमण में संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है
बालासन (Child's Pose) - विश्राम मुद्रा
वृक्षासन के बाद बालासन में गहरा विश्राम करें। यह शरीर को शांत करता है और अगले अभ्यास के लिए तैयार करता है।
बालासन कैसे करें?
- घुटनों के बल बैठें
- नितंब एड़ियों पर टिकाएँ
- गहरी श्वास लेते हुए आगे झुकें
- माथा जमीन पर टिकाएँ
- हाथ आगे फैलाएँ या बगल में रखें
- गहरी श्वास लेते हुए 2-3 मिनट रुकें
- श्वास लेते हुए धीरे-धीरे वापस आएँ
लाभ:
- पीठ और कंधों को पूरा आराम
- तनाव और चिंता कम
- मन को शांति
- रक्तचाप सामान्य
संशोधित तरीका
- घुटनों के नीचे तकिया या कंबल रखें
- माथे के नीचे तकिया रखें
- नितंबों के नीचे तकिया रखें
- गर्भावस्था में पैर चौड़े करें
दिन 8, 9 और 10 का विस्तृत क्रम
दिन 8: वृक्षासन का परिचय
- श्वास (2 मिनट)
- ताड़ासन (2 मिनट)
- वृक्षासन दीवार सहारा (5 मिनट)
- बालासन (4 मिनट)
- शवासन (2 मिनट)
दिन 9: संतुलन सुधार
- श्वास (2 मिनट)
- ताड़ासन (2 मिनट)
- वृक्षासन दीवार सहारा (7 मिनट)
- बालासन (4 मिनट)
- शवासन (3 मिनट)
दिन 10: दोनों पैरों पर अभ्यास
- श्वास (2 मिनट)
- ताड़ासन (2 मिनट)
- वृक्षासन – दाएँ पैर (4 मिनट)
- वृक्षासन – बाएँ पैर (4 मिनट)
- बालासन (3 मिनट)
- शवासन (2 मिनट)
दिन 8-10 का पूरा अभ्यास (20 मिनट)
| क्रम | अभ्यास | अवधि | लाभ |
|---|---|---|---|
| 1 | गहरी श्वास | 2 मिनट | मन शांत, शरीर तैयार |
| 2 | ताड़ासन | 3 मिनट | पोस्चर, स्थिरता |
| 3 | वृक्षासन (दाएँ पैर) | 4 मिनट | संतुलन, एकाग्रता |
| 4 | वृक्षासन (बाएँ पैर) | 4 मिनट | दोनों तरफ संतुलन |
| 5 | बालासन | 4 मिनट | पीठ आराम, विश्राम |
| 6 | शवासन | 3 मिनट | पूर्ण विश्राम |
दिन 8-10 के लिए जरूरी बातें:
- वृक्षासन में दीवार का सहारा जरूर लें
- पैर घुटने पर सीधे न रखें
- दोनों पैरों पर बराबर अभ्यास करें
- गिरने से डरें नहीं – यह सीखने का हिस्सा है
- हर दिन थोड़ा सुधार करें
इन तीन दिनों में क्या अनुभव होगा?
✓ सकारात्मक अनुभव
- संतुलन में सुधार
- एकाग्रता बढ़ना
- पैरों में मजबूती
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- मन में स्थिरता
⚠ सामान्य चुनौतियाँ
- पैर पर संतुलन बनाना
- गिरने का डर
- पैर का फिसलना
- ध्यान भटकना
टिप: अगर वृक्षासन में गिर जाएँ तो परेशान न हों। यह सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। दीवार का सहारा लें और फिर से कोशिश करें।
सावधानियाँ
किन बातों का ध्यान रखें:
- चक्कर आने पर तुरंत पैर नीचे रखें
- घुटनों या टखनों में दर्द हो तो वृक्षासन न करें
- उच्च रक्तचाप में हाथ ज्यादा देर ऊपर न रखें
- गर्भावस्था में दीवार का सहारा लें
- कान के संक्रमण में संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है
- खाली पेट या हल्का भोजन करके अभ्यास करें
आगे क्या?
दिन 8-10 पूरा करने के बाद आप दिन 11-12 की ओर बढ़ेंगे जहाँ भुजंगासन (कोबरा मुद्रा) और शवासन का अभ्यास करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिन 8-10 की शुरुआत करें
वृक्षासन से संतुलन सीखें
आज ही 20 मिनट का यह सरल अभ्यास करें। संतुलन और एकाग्रता का अनुभव करें।
दिन 11-12 पर जाएँ पूरा प्लान देखें